सवाल - साहित्य बोध क्या है?



सवाल - साहित्य बोध क्या है?

जवाब - जीवन जीने के विविध तरीके हैं यहाँ साहित्य में अभिव्यक्ति की अलग-अलग विधाएँ हैं। इन विधाओं को हम कविता, नाटक, रेखाचित्र, संस्मरण, निबन्ध जीवनी आदि रूपों में जान सकते हैं। इन विधाओं को पढ़कर समझना भाषा शिक्षण का महत्त्वपूर्ण आयाम है। यहाँ साहित्य बोध के दोहरे मायने हैं। पहला किसी रचना विशेष को पड़कर उसके भावार्थ को ग्रहण करना व दूसरा उसकी शिल्पगत विशिष्टताओं यथा भाषा, बिंब, प्रतीक, छंद आदि की पहचान करना। साहित्य बोध भाषिक संस्कारों को समृद्ध करने का सशक्त माध्यम है। साहित्य के पठन-पाठन से जहाँ हजारों नए शब्दों व उनके अर्थ से परिचित होता है वहाँ ध्वनि, शब्द, वाक्य और के स्तर पर बच्चों की रचनाशीलता को बढ़ा सकता है। साहित्यिक रचनाओं को पढ़ने-सुनने से बच्चे स्वयं मौलिक लेखन प्रदान कर भाषा शिक्षण को सार्थक आयाम देता है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ